LG, AC, Softliner Cooler (Tech Knowledge Abuse, Dramas)

16 . 05 . 2024 

सुनील और सतीश मिलकर, बड़ी मेहनत के बाद LG, AC को VTRail (stebilizer) के साथ उतार कर ले गए हैं। ये stebilizer भी जाने क्यों, कहीं बदला गया है शायद? कृपया करके AC को AC ही समझें, ना की VC । और AC यहाँ, LG का है। कोई दिल्ली के LG की बात नहीं हो रही। हमारा सतीश (खाती) थोड़ा लापरवाह है, इसलिए AC उतारकर, खिड़की ठीक नहीं करके गया। कल करने की बोलकर, ऐसे ही छोड़ गया। अब इसके अंदर से बिल्ली घुसने की कोशिश करे या बन्दर, क्या फर्क पड़ता है? बताओ, बिल्ली कौन-सा CJI की रहती है यहाँ? और बन्दर कौन-सा Eurovision Song Contest विजेता? खिड़की खुली पड़ी है, तो पड़ी रहे। खंडहर की खिड़की ही तो है। ज्यादा से ज्यादा, धूप, लू और अंधड़ का कूड़ा ही तो घुस सकता है। उसके लिए अड़ा दो कुछ भी।        

इस घटनाकर्म के तत्पश्चात, शिव अपने Softliner (cooler) की सेवा में पधार गए हैं। और Softliner black pump को उतार कर, Redish Boss को स्थापिथ कर गए हैं। 

Softliner रात को नामतर मात्र चला है। शिव ने कल फिर अवतारित होने को बोला था। मगर आज शिव के अवतारित होने की उम्मीद धूमिल हुई। शिव, भोलू की शादी की शॉपिंग में वयस्त होने की वजह से नहीं आ सका। कई तरह के एप्लायंसेज, और कई भोलूओं की शादी। पता नहीं भोलूओं की शादी से ही, क्या कनेक्शन है, इन सबका? और शिव का 16 से? ना उससे पहले और ना उसके बाद।  

19. 05. 2024   

शिव ने अपने रिप्लेसमेंट को भेझ दिया है। सतीश (बिजली वाला), अपने चिंटू के साथ पधारा है। खाती का अवतार, बिजली वाले में बदल गया है। मगर नाम के अलावा कुछ नहीं मिलता-जुलता। Softliner (Cooler) के चलने की उम्मीद अभी भी कायम है। और सतीश (बिजली वाला), अपने चिंटू के साथ, Softliner के fan की मोटर को उखाड़ कर ले गया। मोटर भी कूलर के रंग जैसी-सी ही, मैचिंग-मैचिंग जैसे, स्लेटी-सी। 

21. 05. 2024 

Softliner की  मैचिंग-मैचिंग स्लेटी-सी मोटर की जगह, काली मोटर लगा दी गई है। अब Softliner के चलने की पूरी-पूरी उम्मीद है। और Softliner कूलर आखिर चल पड़ा है। कहाँ जाने के लिए? ये तो पता नहीं। कहीं US का इरादा तो नहीं, वो भी नींद में? पता चले, ऊपर से गिर गया नीचे, धड़ाम।   

मीटर का मैन स्विच जो पहले लाइट के आने-जाने की खबर देता था, पीछे लाइट ठीक करने वाले ने बदल कर Neo का गन्दा-सा स्विच लगा दिया था। वैसे Neo सुना-सुना सा शब्द है, कहाँ सुना था? अब फिर से Anchor का लाइट वाला, मैन स्विच लग गया है। मगर लाइट के जाते ही या आते ही, इन्वर्टर को फिर से चलाना पड़ता है, इन्वर्टर वाली लाइट तभी चलती है। छोटे-मोटे लोग और छोटी-मोटी-सी समस्याएँ।  

LG, AC ले जाने वाला अभी तक परेशान है। ये महान AC एक बार खराब हुआ था। ठीक करने के लिए दिया, तो कभी-कभार ही ठंड करता है। हाँ, ज्यादातर वक़्त कमरे को गर्म बड़े अच्छे से कर देता है। बस, तब से ऐसे ही पड़ा था। बाकी बिजली के एप्लायंसेज के भी यही हाल रहे हैं। तो 6-7 एक्सटेंशन इक्क्ठी हो रखी हैं। ताकि एप्लायंसेज के जलने या खराब होने की बजाय, एक्सटेंशन के ही फ्यूज उड़ लें या जल लें। मगर वक़्त के साथ, वो भी सब खराब। जिनमें से दो ही, ठीक होकर आई हैं। बाकी, अभी भी खराब ही पड़ी हैं। ऐसे ही जैसे, वैक्यूम क्लीनर। 

वैसे उत्तरी भारत का गर्मी का कहर और दक्षिणी भारत में बारिश के आसार। उत्तर भारत वालों को भी, दक्षिण की सैर पे निकल जाना चाहिए, Pleasant Weather के दर्शन के लिए। नहीं? खाली-पीली सी खबरें जैसे? कुछ-कुछ ऐसे?


पता नहीं किस जोकर ज़ोन से कॉपी किया था, ये?
पूरा क्रेडिट, ऐसे-ऐसे जोकर जोन को हँसाते रहने के लिए।
  
वैसे सुप्रीम कोर्ट में सिर्फ पानी पहुँचता है? हाय-हाय गर्मी नहीं?    
 

वैसे, ऐसे-ऐसे निर्जीव एप्लायंसेज (AC, Cooler) का, आदमियों या जीवों में किसी तरह की खराबी आने से कोई लेना-देना हो सकता है, क्या? आप सोचो। आते हैं, ऐसे-ऐसे कई तरह के निर्जीवों की खराबियों पर। और उनके आसपास के जीवों पर प्रभावों या दुस्प्रभावों पर भी।  

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